पाणिनीय व्याकरण की भूमिका
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Format: | Book |
Language: | English |
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दिल्ली:
प्रभात प्रकाशन,
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MARC
LEADER | 00000nam a22000007a 4500 | ||
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003 | FRI | ||
005 | 20220328160039.0 | ||
008 | 220328b ||||| |||| 00| 0 eng d | ||
082 | |2 21st ed |a H 491.435 |b IYE/P | ||
100 | |a आयंगार, वी. कृष्णास्वामी | ||
245 | |a पाणिनीय व्याकरण की भूमिका |c / कृष्णा स्वामी आयगार | ||
246 | |a Paniniya Vyakaran Ki bhumika |b /Krishna Swamy Iyengar | ||
260 | |a दिल्ली: |b प्रभात प्रकाशन, | ||
300 | |a 178p. | ||
365 | |b Rs.40.00 | ||
653 | |a भाषा का स्वरूप | ||
653 | |a शब्द | ||
653 | |a व्याकरण | ||
942 | |2 ddc |c HB | ||
999 | |c 44109 |d 44109 |